शनिवार, 14 दिसंबर 2019

न तुम जीते न हम हारे नेशनल लोक अदालत में निपटे प्रकरण

424 प्रकरणों का निपटारा, 21 परिवारों का मिलन

 दमोह14 दिसम्बर / नेशनल लोक अदालत के आयोजन में जिले के न्यायालय में चल रहे 424 प्रकरणों का निराकरण हुआ तो वहीं दूसरी ओर 21 परिवारों का मिलन भी हो गया। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय दमोह में किया गया था। जिला न्यायालय दमोह में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश,अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शंभू सिंह रघुवंशी द्वारा गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। विदित हो कि नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित दाण्डिक, सिविल, मोटर दुर्घटना, कुटुम्ब न्यायालय, चैक बाउंस, विद्युत, के प्रकरणों के साथ-साथ बैंकों, विद्युत, बी.एस.एन.एल. एवं नगर पालिका के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को रखा गया था। जिनके निराकरण हेतु संपूर्ण जिलों में 21 खण्डपीठों का गठन किया गया था। प्रत्येक खण्डपीठ में 1 पीठासीन अधिकारी एवं 2 सदस्यों (सुलहकर्ता) की नियुक्ति गई थी।

निपटे 424 प्रकरण,हुआ समझोता-

उक्त नेशनल लोक अदालत न्यायालय में लंबित प्रकरणों में से मोटर दुर्घटना दावा के 66 प्रकरणों में 58 लाख 02 हजार की राशि, चैक बाउसं के 64 प्रकरणों में 56 लाख 14 हजार 103 रूपये की राशि, विद्युत के 208 प्रकरणों में 10 लाख 08 हजार 750 रूपये की राशि के अवार्ड पारित किये गये। इसी प्रकार न्यायालयों में लंबित 424 प्रकरणों में दोनों पक्षों की सहमति से प्रकरण का निराकरण किया गया।इसी प्रकार विद्युत, बैंक , बी.एस.एन.एल. एवं नगर पालिका के कुल 235 प्रकरणों में  28 लाख 64 हजार 499 रूपये राशि की वसूली कर प्रकरण का अंतिम निराकरण राजीनामा के आधार किया गया। इस प्रकार न्यायालयों में लंबित कुल 424 व प्रिलिटिगेशन के कुल 235 प्रकरणों में पक्षकारों की सहमति एवं सुलह से राजीनामा हुआ।

21 परिवारों का मिलन,चेहरे पर आयी मुस्कान-

बिछड़े परिवार हुये एककुटुम्ब न्यायालय के समक्ष लंबित में से 21 पारिवारिक विवाद के प्रकरणों में बिछड़े परिवार पुनः एक साथ रहने के लिये सहमत हुये जिसमें से 2 विवाह विच्छेद हेतु प्रस्तुत प्रकरणों में पति-पत्नि को पीठासीन अधिकारी एवं सुलहकर्ता सदस्यों के द्वारा समझाईश दिये जाने के उपरांत दम्पत्तियों ने एक दूसरे को माला पहनाकर अपने प्रकरण में आपसी सहमति से राजीनामा किया तथा भविष्य में विवाद न करने का प्रण करते हुये  मुस्कुराकर न्यायालय से विदा हुये व विवाद का अंत किया ।

इनकी रही उपस्थिति-

कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश,ध्प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत आरएस शर्मा, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय राजीव कुमार सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण माखनलाल झोड़, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ पंकज खरे, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी प्रकाश डामोर, जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण, प्रशिक्षु न्यायाधीशगण, प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्तागण, पक्षकारगण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी गण उपस्थित रहे।


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