नागरिकता छीनने के लिए नहीं अपितु देने के लिए बना कानून -प्रहलाद पटेल
* भारत के किसी भी मुसलमान को डरने की आवश्यकता नहीं* पत्रकार वार्ता में भारत सरकार का मंत्री पहलाद पटेल ने रखा पक्ष
दमोह 23 दिसंबर / नागरिकता संशोधन अधिनियम संसद के दोनों सदनों से पास हुआ है और यह किसी की नागरिकता को छीनने के लिए नहीं अपितु नागरिकता देने के लिए बना हुआ कानून है यह बात दमोह संसदीय क्षेत्र के सांसद तथा भारत सरकार के केंद्रीय पर्यटन संस्कृति राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल ने स्थानीय पत्रकारों से एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि संसद में बहस करने की जगह पर सड़कों पर आकर लोगों को बरगलाने और दंगा कराने का कार्य कुछ विपक्षी नेताओं ने और उनके सहयोगियों ने किया है जो निंदनीय है और इसके लिए कठोर से कठोर दंड दिया जाना चाहिए। विरोध करने का अपना तरीका होना चाहिए परंतु ऐसी संपत्ति जो निजी और शासकीय है उस को नुकसान पहुंचाना तथा लोगों के साथ मारपीट कर दोनों निंदनीय है । उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में जब देश आजाद होने के साथ धार्मिक आधार पर बंटवारा हुआ और पाकिस्तान बना उस समय महात्मा गांधी और मौलाना आजाद ने इस बात पर चिंता जताई थी कि यहां से जाने वाले अल्पसंख्यक वहां पर सुरक्षित नहीं रह सकते तथा बहुत जल्दी ही वापस आ सकते हैं इसलिए भारत सरकार को उनके वापस लौटने पर भारत की नागरिकता देने के लिए तैयार रहना चाहिए। वहीं दूसरी ओर भारत सरकार के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी वर्ष 2003 में इस बात को लेकर गंभीर चिंता जताई थी और पाकिस्तान बांग्लादेश अफगानिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों की घटती संख्या और प्रताड़ना को लेकर वक्तव्य भी दिया था। प्रहलाद पटेल ने कहा कि भारत में रहने वाले किसी भी मुसलमान भाई को डरने की जरूरत नहीं है यह नागरिकता छीनने वाला कानून नहीं है अपितु नागरिकता देने वाला कानून है एनआरसी हमने लागू नहीं किया भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर इसको आसाम में लागू किया गया था। उन्होंने प्रेस के माध्यम से भारत के सभी मुसलमानों से प्रश्न करते हुए कहा कि आपको किसने और कब यह कह दिया कि आपकी देशभक्ति और नागरिकता पर प्रश्न चिन्ह लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाली प्रत्येक नागरिक का पंजीयन होना आवश्यक है आप किसी भी इस्लामिक देश में जा कर देख ले बिना वीजा पासपोर्ट या पंजीयन की आप वहां पर निवास नहीं कर सकते तो फिर भारत में यह कैसे संभव हो सकता है हमारा उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। तथाकथित लोगों ने बरगलाने और बिना सर पैर की बात को लेकर देश में अराजकता का माहौल पैदा करने का प्रयास किया है । उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुले तौर पर पूरी बात कोई स्पष्ट कर दिया है आप किसी भी प्रकार की शक की गुंजाइश नहीं रह जाती। श्री पटेल ने कहा कि संसद में जब दोनों सदनों में बहस हो रही थी तो भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने खुलेआम दिया है यह चुनौती दी थी जिसको भी किसी भी प्रकार के प्रश्न करना हो शंका हो हम प्रत्येक प्रश्न के उत्तर देने के लिए तैयार हैं। संसद में राज्यसभा में बहस से भागने के बाद सड़कों पर उतरकर दंगा करना और करवाने में जो कुछ भी हुआ वह निंदनीय है कठोर से कठोर तम कार्रवाई इस पर होनी चाहिए और होकर रहेगी।
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